जीवन हो उत्कर्ष
जीवन हो उत्कर्ष
बीत गया वर्ष उन्नीस,
और यह निकला निष्कर्ष
मधुर वचन से होत सब,
और बिगारै बोल कर्कश।
हो जाए समरसता सब में,
करें विचार विमर्श।
क्षम्य हों त्रुटियाँ सभी,
जो हो गयी बीते वर्ष।
नव संचार हो जाये तन में,
और जीवन हो उत्कर्ष।
दूर हो अमंगल सबके,
और मंगलमय हो 2020 नूतन वर्ष।
रचयिता
डॉ0 ललित कुमार,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय खिजरपुर जोशीया,
विकास खण्ड-लोधा,
जनपद-अलीगढ़।
और यह निकला निष्कर्ष
मधुर वचन से होत सब,
और बिगारै बोल कर्कश।
हो जाए समरसता सब में,
करें विचार विमर्श।
क्षम्य हों त्रुटियाँ सभी,
जो हो गयी बीते वर्ष।
नव संचार हो जाये तन में,
और जीवन हो उत्कर्ष।
दूर हो अमंगल सबके,
और मंगलमय हो 2020 नूतन वर्ष।
रचयिता
डॉ0 ललित कुमार,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय खिजरपुर जोशीया,
विकास खण्ड-लोधा,
जनपद-अलीगढ़।

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