नाम अटल कहलाता था
नाम अटल कहलाता था देवतुल्य वह व्यक्ति हमेशा; भारत के गुण गाता था। अटल वचन था अटल शख्सियत; नाम अटल कहलाता था।। पिता एक अध्यापक थे पर; कवि हृदय भी पाया था। साहित्यिक गुण भी तो शायद; सुनो वहीं से आया था। पढ़ना और पढ़ाना ही बस; उनके मन को भाता था। अटल वचन था, अटल शख्सियत; नाम अटल कहलाता था।। प्रखर बुद्धि, ओजस्वी वक्ता; शिक्षा-दीक्षा खूब हुई। आजीवन अविवाहित थे वो; देशभक्ति महबूब हुई।। मातृभूमि पर मर मिटना था; उससे ही बस नाता था। अटल वचन था अटल शख्सियत; नाम अटल कहलाता था।। मुखिया बने देश के जब-जब; मातृभूमि का हित साधा। सिंह गर्जना करते थे जब; मिट जाती थी सब बाधा।। किया यहाँ परमाणु परीक्षण; जग उनसे थर्राता था। अटल वचन था, अटल शख्सियत; नाम अटल कहलाता था।। चार दशक ओजस्वी वाणी; इस संसद में गूँजी थी। सरल हृदय मन में सच्चाई; बस ये उनकी पूँजी थी।। बच्चों जैसा मन था उनका; केवल सत्य सुहाता था। अटल वचन था, अटल शख्सियत; नाम अटल कहलाता था।। चले गये वो हमें छोड़कर; मार्ग सत्य का दिखलाकर। स्वाभिमान से जिएँ किस तरह, सबक अनोखा सिखलाकर।। जी भरकर वे जिये उम...